लखपति दीदी योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं को ऐसे कौशल और संसाधन दिए जाते हैं, जिससे वे सालाना ₹1,00,000 या उससे अधिक की आय अर्जित कर सकें।
यह योजना महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है और इसे Government of India द्वारा पूरे देश में लागू किया गया है।

| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| योजना का नाम | लखपति दीदी योजना 2026 |
| किसकी योजना | केंद्र सरकार (भारत सरकार) |
| लागू क्षेत्र | पूरे भारत में |
| लाभार्थी | ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं |
| उद्देश्य | महिलाओं को सालाना ₹1 लाख या उससे अधिक आय वाली बनाना |
| लक्षित समूह | स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य महिलाएं |
| योजना का प्रकार | महिला सशक्तिकरण एवं स्वरोजगार योजना |
| आय का माध्यम | स्वरोजगार, लघु उद्योग, कृषि एवं व्यवसाय |
| प्रमुख कार्य | सिलाई, पशुपालन, फूड प्रोसेसिंग, कृषि कार्य |
| ट्रेनिंग | सरकारी/मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा |
| आर्थिक सहायता | बैंक लोन + सरकारी सपोर्ट |
| आय लक्ष्य | न्यूनतम ₹1,00,000 प्रति वर्ष |
| आयु सीमा | राज्य के नियम अनुसार |
| आवेदन प्रक्रिया | SHG / ग्राम पंचायत के माध्यम से |
| ऑनलाइन आवेदन | कोई अलग केंद्रीय पोर्टल नहीं |
| जरूरी दस्तावेज | आधार कार्ड, बैंक खाता, SHG सदस्यता |
| योजना से लाभ | आत्मनिर्भरता, स्थायी आय, सम्मान |
| योजना की निगरानी | ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) |
यह सवाल सबसे ज्यादा पूछा जाता है।
👉 लखपति दीदी योजना किसी एक राज्य की नहीं है
👉 यह केंद्र सरकार (भारत सरकार) की योजना है
👉 पूरे भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है
हालाँकि उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड, राजस्थान जैसे राज्यों में इसे ज़्यादा सक्रिय रूप से लागू किया जा रहा है, इसलिए लोगों को भ्रम होता है कि यह राज्य योजना है।
इस योजना के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:
ग्रामीण महिलाओं को स्थायी आय का साधन देना
स्वयं सहायता समूह (SHG) को मजबूत बनाना
महिलाओं को कौशल विकास (Skill Development) देना
महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना
सरल शब्दों में:
👉 हर दीदी को “लखपति” बनाना
इस योजना का लाभ मुख्य रूप से:
ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं
स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्य महिलाएं
गरीब, निम्न आय वर्ग और मध्यम वर्ग की महिलाएं
रोजगार या स्वरोजगार की इच्छुक महिलाएं
महिलाओं को उनकी रुचि और स्थानीय संसाधनों के अनुसार ट्रेनिंग दी जाती है, जैसे:
🐄 पशुपालन (डेयरी, बकरी पालन)
🌾 कृषि आधारित कार्य
🧵 सिलाई, कढ़ाई, बुनाई
🍯 फूड प्रोसेसिंग (अचार, पापड़, मसाले)
🐔 मुर्गी पालन
🏪 छोटा व्यापार / किराना / CSC सेवाएं
सरकारी या मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा
स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण
Practical + Business Model Training
मार्केटिंग और बिक्री की जानकारी
| मापदंड | विवरण |
|---|---|
| लिंग | महिला |
| क्षेत्र | ग्रामीण |
| समूह | स्वयं सहायता समूह (SHG) |
| आय सीमा | निर्धारित नहीं |
| आयु सीमा | राज्य के नियम अनुसार |
अपने गांव की SHG / आजीविका मिशन से संपर्क करें
ग्राम पंचायत / ब्लॉक कार्यालय जाएं
आवश्यक दस्तावेज जमा करें
ट्रेनिंग के लिए चयन
आय गतिविधि शुरू करें
📌 ऑनलाइन आवेदन की अलग से कोई केंद्रीय वेबसाइट नहीं है, आवेदन SHG के माध्यम से होता है।
आधार कार्ड
बैंक खाता
SHG सदस्यता प्रमाण
मोबाइल नंबर
पासपोर्ट साइज फोटो
यह योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत कार्य करती है, जिससे SHG नेटवर्क को और मजबूत किया जाता है।
महिला केंद्रित योजना
स्थायी आय पर फोकस
सिर्फ सहायता नहीं, आत्मनिर्भरता
Skill + Finance + Market Support
Ans: ग्रामीण महिलाओं को ₹1 लाख सालाना आय दिलाने की केंद्र सरकार की योजना।
Ans: यह केंद्र सरकार की राष्ट्रीय योजना है।
Ans: नहीं, यह ग्रामीण महिलाओं के लिए है।
Ans: नहीं, यह केवल महिलाओं के लिए है।
Ans: स्वयं सहायता समूह।
Ans: स्वरोजगार और व्यवसाय के माध्यम से।
Ans: हाँ, अधिकतर मामलों में।
Ans: हाँ, बैंक लोन की सुविधा मिलती है।
Ans: नहीं, SHG के माध्यम से ऑफलाइन।
Ans: सिलाई, डेयरी, कृषि, फूड प्रोसेसिंग आदि।
Ans: हाँ।
Ans: हाल के वर्षों में केंद्र सरकार द्वारा।
Ans: ट्रेनिंग का प्रमाण पत्र मिल सकता है।
Ans: नहीं, न्यूनतम शिक्षा भी पर्याप्त है।
Ans: आरक्षण नियम लागू होते हैं।
Ans: सामान्यतः एक बार।
Ans: हाँ, कई राज्यों में।
Ans: यह केंद्र सरकार की प्रमुख पहल है।
Ans: SHG स्तर पर मूल्यांकन होता है।
Ans: ग्राम पंचायत / आजीविका मिशन कार्यालय से।
लखपति दीदी योजना 2026 सिर्फ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव लाने का मिशन है। यह योजना महिलाओं को रोजगार मांगने वाली नहीं, रोजगार देने वाली बनाती है।
अगर सही तरीके से इस योजना का लाभ लिया जाए, तो यह सचमुच हर दीदी को लखपति बना सकती है।